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हिन्दी में मेरी पहली पोस्ट

so finally i have cleared 3rd semester of my engineering, its a great feeling that i have done it. I can't write much about that this time, but just that now the 3rd semester chapter is closed, its now time to look forward for the next semester. This is special one as its the first of the semesters i have cleared and now i am into becoming an engineer, i have many mixed feelings for this.

अब अगर तुम न आए तो दिल टूटेगा,
दिल के अरमां बिखरेंगे, तमन्ना फिर मचलेगी
आना ही होगा तुमको, की अब अगर तुम न आए तो दिल टूटेगा!
या अल्लाह यह क्या माजरा है की उनकी नज़र वो कर कर देती है दिल का हाल
की रोते भी है और आंसूं भी नहीं आते, कहते भी हैं पर जबां से लफ्ज़ नही निकलते
हमने तो सुना था की निगाहों की जुबां सुनाती है महबूब का हाल पर यहाँ तो निगाहें
मिलती हैं और मिलते ही झुक जाती हैं! या खुदा ये क्या माजरा है!
की आना ही होगा तुमको, अब अगर तुम न आए तो दिल टूटेगा!
वो पूछते हैं हमसे की तुम कौन हो, कोई बताओ उन्हें कत्ल करने के तरीके और भी हैं
अब अगर और पूछोगे तो दिल टूटेगा! मैं न बता पाऊँगा की मैं कौन हूँ, पर कहो तो बता दूँ वो कौन हैं
वो हूर नही वो परी नही वो ख्वाब है मेरा अब अगर और पूछोगे तो दिल टूटेगा!
की आना ही होगा अब भी अगर नहीं आए तो दिल टूटेगा!

Comments

बहुत बढ़िया हिन्दी में और भी लिखिये।
skbohra said…
thanks for appreciating it. i will try to write more in hindi, your hindi blog is really great! good job man!